उत्तराखंड में कुछ अराजक तत्व आए दिन उसी पुलिस अथवा हेल्थ टीम के साथ मारपीट करने से बाज नहीं आ रहे हैं, जो लोग के स्वस्थ्य और सुरक्षा के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है। जरूरतमंदों को खाना बांट रही है, राशन मुहैया करा रही है, लोग घर में रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, इसके लिए उससे जो हो पा रहा है, कर रही है, कभी नाच रही है, सड़कों पर, कॉलोनियों के बाहर गाना गा रही है, सड़कों पर बेवजह घूमने वालों को योग से लेकर उठक-बैठक और फूलों की माला पहना रही हैं, प्यार से घर में रहने की सलाह दे रही है, फिर भी उत्तराखंड समेत देश के कई इलाकों में लोग मान नहीं रहे हैं, लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे हैं। पुलिस को गुस्से का भी सामना करना पड़ रहा है, झड़पें हो रही हैं, पथराव झेलने पड़ रहे हैं। लॉकडाउन में जो लोग अच्छा काम कर रहे हैं, उनका हौसला अफजाई का काम भी कर रही है। उन्हें सलामी दे रही है।
अभी कल ही रुड़की के गांव मक्खनपुर में कोरोना सर्वे टीम पर दो दर्जन से अधिक लोगों ने हमला कर दिया, रिकार्ड भी फाड़ डाले। टीम ने बामुश्किल भागकर जान बचाई। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही सभी हमलावर महिलाओं समेत फरार हो गए।
स्वास्थ्य विभाग से मिली तहरीर पर हमलावरों के खिलाफ भगवानपुर थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है। बाद में पुलिस ने गागलहेड़ी तिराहे के समीप से गुलशेर नाम के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना से दो दिन पहले मंगलौर क्षेत्र के सैनीपुरा गांव में भी स्वास्थ्य विभाग की दो महिला स्वास्थ्य कर्मियों से अभद्रता की गई थी। इस बीच राज्य में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 34 मुकदमे और दर्ज हुए है, जिनमें 295 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदेश में अभी तक कुल 2223 मुकदमे दर्ज कर 10357 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अब तक कुल 25,500 वाहनों के चालान, 5361 वाहन सीज किया गया। दून पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर नौ मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके अलावा प्रेमनगर निवासी इशांत वासन व नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद जावेद को लॉकडाउन के उल्लंघन में गिरफ्तार किया गया है।
आज मंगलवार को रुद्रपुर के भूतबंगला में घर के बाहर थूकने पर इकरार और साबिर अली के गुटों में सशस्त्र टकराव के दौरान 9 लोग घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक भूतबंगला निवासी इकरार अहमद और साबिर अली के बीच मंगलवार दोपहर विवाद हो गया। यह देख दोनों के परिजन भी घरों से बाहर आ गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। जिससे इकरार की पत्नी शकीना पुत्र इफरार और इख्तियार घायल हो गए। साथ ही साबिर अली तथा उसकी पत्नी जरीना, पुत्र नाजिम, नाफिर व राफीक भी घायल हो गए। यह देख मौके पर लोगों का जमावड़ा लग गया। लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। साथ ही सूचना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची रम्पुरा चौकी पुलिस ने जानकारी ली और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में पहुंचाया। जहां इकरार का कहना था कि साबिर अली ने उसके घर के बाहर थूका था। यह देख जब उसने विरोध किया तो परिजनों के साथ उस पर हमला कर दिया। बीच बचाव को आए परिजनों से भी मारपीट की। जबकि साबिर का कहना था कि उसने नहीं थूका। बेवजह उस पर आरोप लगाते हुए उससे और परिजनों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
इस बीच पंजाब में फंसे चंपावत के दो युवक अपने पिता की मौत का बहाना बनाकर पास ले लिए और लोहाघाट आ गए। स्थानीय पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि युवक के पितो की तो 15 साल पूर्व ही मौत हो चुकी है। प्रशासन ने एहतियातन दोनों को होटल में क्वारंटाइन करा दिया है, वहीं दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआहै।